
सपने में सांप दिखा — और मन में पहला सवाल: कहीं कालसर्प दोष तो नहीं? रुकिए। सिर्फ स्वप्न से कोई दोष तय नहीं होता। कालसर्प दोष की पुष्टि कुंडली से होती है, लक्षणों से केवल संकेत मिलते हैं।
सीधी बात — जब जन्म कुंडली के सभी सात ग्रह राहु और केतु की धुरी के एक ओर आ जाएं, तो कालसर्प योग बनता है। राहु सर्प का मुख है, केतु पूंछ। और बीच में फंसे ग्रह? उनकी शक्ति बाधित मानी जाती है।
हमारे पास रोज़ ऐसे यजमान आते हैं जिनकी कहानी लगभग एक जैसी होती है। ये लक्षण बार-बार दिखते हैं:
इनमें से 3-4 लक्षण लगातार दिख रहे हों? तो कुंडली जांच करवा लेना समझदारी है। और यहीं एक बात साफ कर दें — हर परेशानी कालसर्प नहीं होती। कई बार शनि की साढ़ेसाती या पितृ दोष भी ऐसे ही संकेत देता है। इसीलिए अनुभवी पंडित से कुंडली विश्लेषण पहला कदम है, पूजा दूसरा।
त्रयंबकेश्वर, कालहस्ती और उज्जैन — तीनों कालसर्प शांति के प्रसिद्ध केंद्र हैं। पर उज्जैन का स्थान विशेष है। महाकाल की नगरी, क्षिप्रा का तट, और भैरव की उपस्थिति — शास्त्र कहते हैं कि काल से जुड़े दोष की शांति काल के स्वामी के सान्निध्य में सर्वश्रेष्ठ होती है।
कुंडली भेजिए, निःशुल्क जांच करवाइए। दोष होगा तो विधान बताएंगे; नहीं होगा तो साफ कह देंगे। यही हमारा तरीका है।
WhatsApp पर जन्म विवरण भेजें — परामर्श निःशुल्क है