परिचय
महाकाल की नगरी उज्जैन में जन्मे और वैदिक परंपरा में दीक्षित पंडित निहाल जी पिछले 15 वर्षों से अधिक समय से यजमानों की कुंडली आधारित शांति पूजाएं संपन्न करा रहे हैं। कालसर्प दोष, मंगल दोष की भात पूजा और महामृत्युंजय अनुष्ठान उनकी विशेषज्ञता के क्षेत्र हैं।
कार्य पद्धति — पहले कुंडली, फिर पूजा
हर समस्या का समाधान पूजा नहीं होती — और हर पूजा हर व्यक्ति के लिए नहीं होती। इसीलिए पंडित जी पहले जन्म कुंडली का विश्लेषण करते हैं। दोष की पुष्टि होने पर ही विधान बताया जाता है, और दक्षिणा का पूरा विवरण पहले ही स्पष्ट कर दिया जाता है। यही पारदर्शिता हजारों परिवारों के विश्वास का आधार है।
विशेषज्ञता
- कालसर्प दोष निवारण — त्रिवेणी संगम विधान
- मंगल दोष शांति — मंगलनाथ मंदिर की भात पूजा
- महामृत्युंजय व संतान गोपाल सवा लाख जाप अनुष्ठान
- नारायण बलि, पितृ दोष एवं प्रेत बाधा शांति
- जन्म कुंडली आधारित ग्रह शांति अनुष्ठान
पंडितों की अनुभवी टोली
बड़े अनुष्ठानों — शतचंडी, सवा लाख जाप — के लिए पंडित जी के साथ वेदपाठी ब्राह्मणों की अनुभवी टोली कार्य करती है, जिससे जाप संख्या और विधि दोनों की शुद्धता बनी रहती है।