
"पूजा तो करानी है, पर उज्जैन आना संभव नहीं" — विदेश में बसे या व्यस्त जीवन जी रहे हजारों परिवारों की यही स्थिति है। अच्छी खबर: शास्त्र संकल्प को शरीर से बड़ा मानते हैं। नाम-गोत्र के संकल्प से कराई गई पूजा का फल यजमान को ही मिलता है, चाहे वह कहीं भी हो।
क्या ऑनलाइन पूजा का फल कम होता है? नहीं। फल संकल्प और विधि की शुद्धता से मिलता है, दूरी से नहीं। यजमान की अनुपस्थिति में ब्राह्मण संकल्पकर्ता बनते हैं — यह व्यवस्था शास्त्रसम्मत है।
पैसे कैसे देने होते हैं? बुकिंग पर आंशिक और पूजा के बाद शेष — UPI, बैंक ट्रांसफर दोनों चलते हैं। पूजा की रिकॉर्डिंग देखने के बाद ही पूर्ण दक्षिणा — पारदर्शिता हमारी पहचान है।
प्रसाद कितने दिन में आता है? भारत में 5-7 दिन, विदेश में 10-15 दिन।
सीधी बात — पूजा श्रद्धा का विषय है, और श्रद्धा की कोई दूरी नहीं होती। कुंडली भेजिए, मुहूर्त निकलवाइए, बाकी व्यवस्था हमारी।
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