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📍 सिद्धवट घाट, उज्जैन 🌳 पितृ मोक्ष व वंश वृद्धि

सिद्धवट दूध व जल अर्पण चढ़ावा

स्कंद पुराण में वर्णित तीन अमर वटवृक्षों में एक, क्षिप्रा तट पर स्थित पावन "सिद्धवट" को कच्चा दूध, जल, मोली (रक्षा सूत्र) व भोग अर्पित। पितृ दोष शांति और संतान प्राप्ति हेतु संकल्प।

उज्जैन सिद्धवट मंदिर

चढ़ावा सामग्री चयन करें (Select Offerings)

पितृ मोक्ष व संतान सुख की प्राप्ति हेतु सामग्री का चयन करें। पंडित निहाल जी के सान्निध्य में यह अर्पण शास्त्रोक्त मंत्रोच्चार के साथ किया जाएगा:

पितृ शांति

कच्चा दूध अर्पण ₹101

अमर वटवृक्ष सिद्धवट की जड़ों में गाय का कच्चा दूध अर्पित करने की प्राचीन परंपरा है। इससे अतृप्त पितरों की आत्मा शांत होती है।

क्षिप्रा जल व अभिषेक ₹51

मोक्षदायिनी क्षिप्रा नदी का पावन जल व गंगाजल वटवृक्ष को समर्पित। यह सुख-शांति व पारिवारिक सुख प्रदान करता है।

रक्षा सूत्र (मोली) अर्पण ₹101

संतान प्राप्ति व रक्षा हेतु सिद्धवट वृक्ष के तने पर पवित्र लाल कलावा (रक्षा सूत्र) लपेटने की मान्यता है। यह मन्नत का सूत्र है।

श्रीफल व मावा पेड़ा भोग ₹101

वृक्ष देवता को नारियल व ताजे मावा पेड़े का भोग अर्पण। चढ़ावे के उपरांत प्रसाद घर भेजा जाएगा।

सिद्धवट चढ़ावा के दिव्य लाभ (Benefits)

  • पितृ दोष से मुक्ति: पूर्वजों की आत्मा की तृप्ति और पितृ दोष जनित अड़चनों से मुक्ति।
  • संतान सुख प्राप्ति: वंश वृद्धि व मन्नत पूरी करने के लिए सिद्धवट पर रक्षा सूत्र लपेटना अत्यंत फलदायी है।
  • कालसर्प दोष शांति: नाग और कालसर्प दोष की शांति में सहायक।
  • मोक्ष व शांति: मन के विकारों से मुक्ति और क्षिप्रा मैया के आशीर्वाद से घर में शांति।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

सिद्धवट वृक्ष को संतान प्राप्ति के लिए प्रसिद्ध क्यों माना जाता है?
धार्मिक मान्यता के अनुसार, माता पार्वती ने इसी स्थान पर वटवृक्ष लगाकर तपस्या की थी और इसे अपने पुत्र कार्तिकेय के समान सींचा था। इसीलिए इसे 'सिद्धवट' कहा जाता है और यहाँ धागा बांधने से सूनी गोद जल्द भरती है।
क्या मेरी मन्नत पूरी होने पर धागा खोलना पड़ता है?
धार्मिक परंपरानुसार, जब मन्नत पूरी हो जाती है (जैसे संतान प्राप्ति होने पर), तब यजमान उज्जैन आकर या पंडित जी के माध्यम से मन्नत का धागा खुलवाते हैं और धन्यवाद पूजन कराते हैं।

चढ़ावा मंदिर विवरण

  • मंदिर: सिद्धवट मंदिर (अमर वटवृक्ष), उज्जैन
  • स्थान: भैरवगढ़ क्षेत्र, क्षिप्रा तट, उज्जैन
  • संकल्पकर्ता: पंडित निहाल जी
  • प्रमाण: संकल्प व अर्पण का WhatsApp वीडियो
  • प्रसाद: डाक द्वारा घर पहुंच सेवा

यजमानों का अनुभव

★★★★★

"विवाह के ८ वर्ष बाद भी संतान सुख नहीं था। पंडित जी के परामर्श पर सिद्धवट मंदिर में रक्षा सूत्र और कच्चे दूध अर्पण का संकल्प कराया। मां पार्वती की असीम कृपा से आज हमारे घर में एक स्वस्थ पुत्र है।"
- सपना शर्मा, इंदौर

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