पितृ मोक्ष व संतान सुख की प्राप्ति हेतु सामग्री का चयन करें। पंडित निहाल जी के सान्निध्य में यह अर्पण शास्त्रोक्त मंत्रोच्चार के साथ किया जाएगा:
अमर वटवृक्ष सिद्धवट की जड़ों में गाय का कच्चा दूध अर्पित करने की प्राचीन परंपरा है। इससे अतृप्त पितरों की आत्मा शांत होती है।
मोक्षदायिनी क्षिप्रा नदी का पावन जल व गंगाजल वटवृक्ष को समर्पित। यह सुख-शांति व पारिवारिक सुख प्रदान करता है।
संतान प्राप्ति व रक्षा हेतु सिद्धवट वृक्ष के तने पर पवित्र लाल कलावा (रक्षा सूत्र) लपेटने की मान्यता है। यह मन्नत का सूत्र है।
वृक्ष देवता को नारियल व ताजे मावा पेड़े का भोग अर्पण। चढ़ावे के उपरांत प्रसाद घर भेजा जाएगा।
"विवाह के ८ वर्ष बाद भी संतान सुख नहीं था। पंडित जी के परामर्श पर सिद्धवट मंदिर में रक्षा सूत्र और कच्चे दूध अर्पण का संकल्प कराया। मां पार्वती की असीम कृपा से आज हमारे घर में एक स्वस्थ पुत्र है।"
- सपना शर्मा, इंदौर